लोग कहते है मैं शराबी हूँ
लोग कहते है मैं शराबी हूँ
तुमने भी शायद
यही सोच लिया है
लोग कहते है मैं शराबी हूँ
किसिपे हुस्न का गुरुर
जवानी का नशा
किसीके दिल पे मोहब्बत की
रवानी का नशा
किसीको देख के साँसों से
उभरता है नशा
बिना पिए भी कही हद से
गुजरता है नशा
नशे में कौन नहीं है
मुझे बताओ ज़रा
किसे है होश मेरे
सामने तो लाओ ज़रा
नशा है सब पे
मगर रंग नशे का है जुदा
खिली खिली हुई सुबह पे
है शबनम का नशा
हवा पे खुशबू का
बदल पे है रिमझीम का नशा
कही सुरूर है खुशियों का
कही गम का नशा
नशा शराब में
होता तो नाचती बोतल
मैकदे झूमते
पैमानों में होती हलचल
नशा शराब में
होता तो नाचती बोतल
नशे में कौन नहीं है
मुझे बताओ ज़रा
नशे में कौन नहीं है
मुझे बताओ ज़रा
लोग कहते है मैं शराबी हूँ
लोग कहते है मैं शराबी हूँ
तुमने भी शायद यही सोच लिया
लोग कहते है मैं शराबी हूँ
थोड़ी आँखों से पिला
दे रे सजनी दीवानी
थोड़ी आँखों से पिला
दे रे सजनी दीवानी
तुझे मैं तुझे मैं
तुझे साँसों में बसा लूंगा
सजनी दीवानी
तुझे नौलक्खा
माँगा दुगा सजनी दीवानी
तुझे नौलक्खा
माँगा दुगा सजनी दीवानी.
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