मोहब्बत की कश्ती में (In the Ship of Love),
सोच समझ कर सवार होना मेरे दोस्त,
जब ये चलती है तो किनारा नहीं मिलता,
और जब डूबती है तो सहारा नहीं मिलता..
लोग कहते हैं (People say) जब कोई अपना दूर चला जाता है तो बड़ी तकलीफ होती है, पर ज्यादा तकलीफ तो तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी …
मंजिल भी नहीं ठिकाना भी नहीं(Destination not even whereabouts) वापस मुझे उसके पास जाना भी नहीं… हमने ही सिखाया था उसे बंदूक चलाना… आज हमारे सिवा कोई और उसका निशाना …
सोच समझ कर सवार होना मेरे दोस्त,
जब ये चलती है तो किनारा नहीं मिलता,
और जब डूबती है तो सहारा नहीं मिलता..
लोग कहते हैं (People say) जब कोई अपना दूर चला जाता है तो बड़ी तकलीफ होती है, पर ज्यादा तकलीफ तो तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी …
मंजिल भी नहीं ठिकाना भी नहीं(Destination not even whereabouts) वापस मुझे उसके पास जाना भी नहीं… हमने ही सिखाया था उसे बंदूक चलाना… आज हमारे सिवा कोई और उसका निशाना …
आते जाते हैं,कई रंग मेरे चेहरे पर..
लोग लेते हैं मज़ा, ज़िक्र तुम्हारा करके..
उसका वादा भी अजीब था की ज़िन्दगी भर साथ निभाएंगे मैंने ये नहीं पूछा की मोहब्बत के साथ या यादो के साथ.?
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