उनको समझो जिन्दगी
, उनको समझो प्यार
,
धड़के
दिल जिसके लिए, एक पल में सौ सौ बार. 
इरादा कत्ल का था तो ~मेरा सर कलम कर देते,
क्यू इश्क मे डाल कर तुने ~हर साँस पर मौत लिख दी.
धोखा देने के लिए #शुक्रिया पगली कि,
#तुम ना मिलती तो #दुनिया_समझ में #ना आती.
जिस जिस ने मुहब्बत में, अपने महबूब को खुदा कर दिया,
खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए, उनको जुदा कर दिया.
नींद भी नीलाम हो जाती है बाज़ार -ए- इश्क में,
किसी को भूल कर सो जाना, आसान नहीं होता !
हर रात जान बूझकर रखता हूँ दरवाज़ा खुला…
शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले…
मसे भुलाया ही नहीं जाता, एक मुखलिस का प्यार…
लोग जिगर वाले हैं, जो रोज नया महबूब बना लेते हैं!”
उसकी जुदाई को लफ़्ज़ों में कैसे बयान करें…वो रहता दिल में…धडकता दर्द में…और बहता अश्क में…!
एक याद है तेरी जो सम्भाली नहीं जाती,एक क़र्ज़ लिया जो अदा हो नहीं सकता….
मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।
रोज तेरा इंतजार होता है रोज ये दिल बेक़रार होता है…
काश के तुम समझ सकते के चुप रहने वालों को भी प्यार होता है
याद आयेगी हमारी तो बीते कल की किताब पलट लेना यूँ ही किसी पन्ने पर मुस्कुराते हुए हम मिल जायेंगे।
बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है,लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं,जो हम लाया करते थे…!
अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो मोहब्बत कैसी..
मुझें छोड़कर वो खुश हैं, तो शिकायत कैसी..
दिल भी कितना पागल है…हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है , जो इसका होता ही नही है.
हम तो नादान हैं क्या समझेंगे उसूल-ए-मोहब्बत !!
बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे !!
हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की,
आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है.
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